Monday, January 24, 2011

कानून की हिफाजत करना बहुत जरूरी :- जिला जज

सभी लोगों को कानून की जानकारी होना आवश्यक है, लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अब वह समय बीत गया जब महिलायें घरों में दुख सहन करतीं रहतीं थीं, महिलाओं को बहुत से कानूनी अधिकार प्राप्त है। कानून की हिफाजत करना बहुत जरूरी है। बच्चों का भविष्य बनाने में टीचर्स की बहुत बड़ी भूमिका होती है। न्याय की हमेशा गरीब को आवश्यकता होती है, हमारा संविधान सबसे बड़ा संविधान है, जिसमें नागरिकों को मौलिक अधिकार प्राप्त है।
उक्त विचार जनपद न्यायाधीश विजय लक्ष्मी ने एसबीआरएल पब्लिक स्कूल में आयोजित वृहद विधिक साक्षरता शिविर में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विधिक अधिकारों एवं सेवाओं की जागरूकता के लिए विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाता है। परामर्श एवं सुलह समझौता केन्द्रों में संधिकर्ता द्वारा पारिवारिक विवादों को सुलह समझौते के आधार पर कराए जाने के प्रयास किए जाते है। लोक अदालत विवादों को समझौते के माध्यम से सुलझाने के लिए एक वैकल्पिक मंच है।
अपर जिला जज सीपी सिंह ने प्री लिटीगेशन पर जानकारी देते हुए बताया कि अभी जो विवाद न्यायालय के समक्ष नहीं आए है उन्हें प्री लिटीगेशन स्तर पर बिना मुकदमा दायर किए ही पक्षकारों की सहमति से प्रार्थनापत्र देकर लोक अदालत में फैला कराया जा सकता है। यदि पारिवारिक समझौता होता है तो उसकी भाषा पर ध्यान देना चाहिए, प्री लिटीगेशन द्वारा कराया गया समझौता डिग्री की तरह होता है।
अपर जिला जज एमपी सिंह ने प्रथम सूचना रिपोर्ट पर जानकारी देते हुए कहा संज्ञेय अपाराध में प्रथम सूचना रिपोर्ट थाने में कर सकते है, इसमें मुख्य एवं सही बातों को लिखा जाना चाहिए, यदि थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट नहीं लिखी जाती है तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री करनी चाहिए। यदि फिर भी एफआईआर नहीं लिखी जाती है तो संबंधित मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र दे सकते है।
सत्येन्द्र कुमार सिंह अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश प्ली वारगेनिंग पर जानकारी देते हुए जो अपराधी बहुत समय से जेलों में बंद है वह इसका लाभ प्राप्त करते है परंतु इसके अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक मामले नही लाए जा सकते है।
इस इस अवसर पर बार एसोसिएशन के सचिव अजय कृष्ण पाण्डे ने कहा कि समाज में कानून का दुरुपयोग न होने दे तभी अच्छे समाज की कल्पना की जा सकती है।
कार्यक्रम में सिविल जज विधिक साक्षरता शिविर अरुण कुमार मल्ल ने भी साक्षरता शिविरों एवं लोक अदालतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेन्द्र राव सिविल जज ने किया। इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट, विद्यालय के प्रधानाचार्य ए.के. जैन, स्कूल के बच्चे आदि उपस्थित थे।

1 comments:

Satish Chandra Satyarthi January 24, 2011 at 9:43 PM  

इसमें क्या शक हो सकता है.. हिफाजत तो जरूरी है ही..

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